प्रभाव और राष्ट्रीय विकास पर इसके दुष्परिणामों को लेकर जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएंगे। शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को भी नैतिक मूल्यों, सत्यनिष्ठा और ईमानदारीपूर्ण कार्यप्रणाली के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसमें युवाओं की भागीदारी पर विशेष जोर रहेगा।
निबंध, भाषण और पोस्टर प्रतियोगिताओं से जुड़ेंगे विद्यार्थी
सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत स्कूलों में व्याख्यान, पैनल चर्चा, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी, निबंध लेखन, स्लोगन लेखन, भाषण, कार्टून और पोस्टर निर्माण प्रतियोगिताएं आयोजित की जा सकेंगी। इसके अलावा विषय से संबंधित सेमिनार और कार्यशालाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को नैतिकता, सुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व से परिचित कराया जाएगा।
दो नवंबर तक अपलोड करनी होगी रिपोर्ट
सीबीएसई ने स्कूलों को आयोजित गतिविधियों की संक्षिप्त रिपोर्ट और उनके फोटो दो नवंबर तक निर्धारित गूगल फार्म पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। बोर्ड ने सभी स्कूलों से इन गतिविधियों को सार्थक तरीके से आयोजित करने और विद्यार्थियों सहित सभी संबंधित पक्षों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। बोर्ड का मानना है कि इस तरह की पहल से विद्यार्थियों में शुरुआती स्तर से ही सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और जवाबदेही जैसे मूल्यों को विकसित करने में मदद मिलेगी।